गुरुवार, 21 जुलाई 2011

मुस्कराहट मेरी.....!!!

सच्चा संगी..सच्चा साथी...
पल पल मेरा साथ निभाती...
मुस्कराहट मेरी...!!!


अहसासों की प्यास बुझा कर
जीने की उम्मीद जगाती..,
आंसुओ के घूंट पी कर..
जलन सीने की मिटाती
मुस्कराहट मेरी..!


मौसम के साथ चलकर
ठण्ड धुप और बारिश सहकर
जिन्दगी के आंधी तुफानो
से मुझे है बचाती..
मुस्कराहट मेरी..!!


सब कुछ सहकर
हंसती रहकर
है मुझे भी हंसाती
जीने की उम्मीद जगाती
मुस्कराहट मेरी..!!


ना गिला इसे किसी से..
ना कभी किसी से शिकवा..
मुझमे रह कर..मेरी बनकर..
पल पल मेरा साथ निभाती..
मुस्कराहट मेरी..!!!..कविता..

2 टिप्‍पणियां:

  1. मुस्कुरा के ना देखना इधर , दिल को ना संभाल पाएंगे
    ऐसा मंजर आंखो मे होगा ,डूब के उतर जाएँगे

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सखियों आपके बोलों से ही रोशन होगा आ सखी का जहां... कमेंट मॉडरेशन के कारण हो सकता है कि आपका संदेश कुछ देरी से प्रकाशित हो, धैर्य रखना..